February 26, 2024 10:25 pm

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मऊ:केंद्रीय मंत्री अल्पसंख्यक विभाग के अल्पसंख्यक विरोधी निर्णय वापस लिए जाएं (अरशद जमाल)

केंद्रीय मंत्री अल्पसंख्यक विभाग श्रीमती स्मृति ईरानी अल्पसंख्यक वर्ग को मिलने वाली सहायता व सुविधाएं एक-एक कर के समाप्त कर अल्पसंख्य विरोधी मानसिकता का प्रमाण प्रस्तुत कर रही हैं। पूर्व की सरकारों के द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों के शैक्षिक विकास के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति को स्मृति ईरानी द्वारा बन्द कर दिया गया है जो अल्पसंख्यक वर्ग के विरुद्ध घोर अन्याय है। समाजवादी पार्टी जिला मऊ के पूर्व अध्यक्ष व नगरपालिका मऊ के भूतपूर्व चेयरमैन अरशद जमाल ने केंद्र सरकार से मांग किया है कि अल्पसंख्यक वर्ग के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजनाओं के समाप्त करने के निर्णय अविलंब वापस लिए जाएं। उन्हों ने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप दी जाती थी जिसे अब समाप्त कर दिया गया है, इस के अतिरिक्त लड़कियों को इंटर की शिक्षा के लिए मौलाना आज़ाद बालिका छात्रवृत्ति को भी सरकार ने समाप्त कर दिया है तथा पूर्वदशम (प्री मैट्रिक) छात्रवृत्ति का लाभ कक्षा एक से आठ तक के बच्चे नहीं ले सकते। श्री जमाल ने कहा कि सरकार ने किसी भी पूर्वसूचना के ये निर्णय लिया है जबकि हज़ारों छात्रों ने इस योजना के लिए आवेदन किया था। उन्हों ने कहा कि प्रत्येक वर्ग के बच्चों के लिए स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा निःशुल्क है इसके लिए हम सरकारों को धन्यवाद देते हैं परन्तु इस के पीछे छात्रवृत्ति को समाप्त करना अन्याय है क्योंकि छात्रवृत्ति केवल शैक्षिक खर्चों की पूर्ति हेतु नहीं बल्कि ये छात्रों व उनके अभिभावकों के लिए उत्प्रेरक तथा छात्रों की शिक्षा के प्रति रुचि उतपन्न करने का माध्यम है। उन्हों ने भय व्यक्त किया है कि सरकार का यह निर्णय कहीं बच्चों को बालमजदूरी की ओर न धकेल दे तथा उनकी शिक्षा अवरुद्ध न हो जाये।

पूर्व चेयरमैन ने अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री स्मृति ईरानी के अल्पसंख्यक विरोधी कृत्यों का विवरण देते हुए बताया कि अप्रैल 2009 में मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप योजना प्रारंभ की गई थी। इस योजना को विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (यू जी सी) द्वारा लागू किया जाता था जिस का उद्देश्य अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को एम फील व पी एच डी करने केलिए वित्तीय सहायता प्रदान करना था। इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों के अभिभावकों की कुल स्रोतों से वार्षिक आय अधिकतम ढाई लाख निर्धारित थी। इस में 30 प्रतिशत का कोटा महिलाओं के लिए सुरक्षित था, महिला अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की दशा में उसी वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों को लाभन्वित किया जा सकता था। स्मृति ईरानी ने मंत्रालय संभालते ही विभिन्न प्रकार के बहाने बना कर अल्पसंख्यक वर्ग के लिए लाभकारी योजनाओं को समाप्त कर दिया। पहले अल्पसंख्यक वर्ग के कक्षा एक स आठ तक के छात्रों की छात्रवृत्ति समाप्त किया, इस के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी में अल्पसंख्यक अभ्यर्थियों की सहायता के लिए लाई गई नई उड़ान योजना को भी बन्द कर दिया तथा अल्पसंख्यक वर्ग के लिए विशेष मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप ये कहते हुए बन्द करने की घोषणा कर दी कि ये दूसरी योजनाओं के परस्पर समान है। उन्हों ने संसद में बयान दिया कि 2014-15 से 2021-22 तक इस योजना के तहत चयनित 6 हज़ार 7 सौ 72 अभ्यर्थियों को फेलोशिप के रूप में 738 करोड़ रुपये दिये जा चुके हैं। अरशद जमाल ने केंद्र सरकार विशेषतः प्रधानमंत्री जी से मांग किया है कि सब का साथ, सब का विकास तथा सब का विश्वास अपने ही नारे को ध्यान में रखते हुए अल्पसंख्यक विरोधी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।

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